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Friday, 18 October 2013

खस्‍सी 2

खस्‍सी चिबाबैत रहलै
जे आगू मे रहै
ने महावीर कें यादि केलकै
ने बुद्ध के बजेलकेन
ने ओकरा हलाली के चिंता रहै
ने झटका क' दुख
कुरबानी आ बलिक आध्‍यात्मिकता पर भेनारी करैत
ओ टोनियाबैत रहलै पीपरक पात
पवित्र मानैत लोक सब सिनुर काजर लगबैत
आ आब ओ रस्‍सी ताननै बंद क' देलकै
कुनो ज्‍योतिष विद्या सँ अनजान खस्‍सी
कें पता चलि गेलै अपन भविष्‍य
जे आबै छलै जयजयकारक बीच
दोसर खस्‍सी सभ सँ
आ खस्‍सी कबीरो के बिसरि गेलै
जे कहि गेलखिन पात बकरी आ आदमी क' विषय मे
बहुत रास बात
वैह बात जे भूतिया गेलै घड़ीघंट आ अजान मे

Sunday, 13 October 2013

खस्‍सी 1

चारू खस्‍सी के शक ध' लेलकै
कि आब हमर जिनगी कें कमे दिन
चारू खेनै छोडि़ देलकै
ओकरा पता चलि गेलै हरियर घासक मतलब
चारू क' आंखि सँ गिर' लागलै दहो-बहो लोर
चारू कें पता रहैक मंदिर-मस्जिद मे हलचलक मने की ?
आ चारू कें पता रहै कि नवमी आ बकरीद मे एके दिनक अंतर
काटै क' तरीका आ बनबैक मसल्‍ला मे जे अंतर छलै
विचारैत घिन आब' लागलै
वाह रे देवता आ वाह रे दुनिया !