Followers

Tuesday, 1 January 2013

बाल गजल

एकटा नेनाक संग भेल गपक किछु अंश एहि राखबाक कोशिश बाल गजल-80 इनारक जल कतऽसँ एलै जतऽसँ पोखरि भरल गेलै तखन भेलै खेत कादो जँ पटबन भरि राति भेलै जखन एलै बाढ़ि आँगन तखन चौकी कोच हेलै जखन बाबू हाट गेलनि तखन बुचिया खूब खेलै जखन गाड़ी भेल गड़बड़ तखन जोरसँ लोक ठेलै रहै मेला पैघ लागल हमर पिपही तखन एलै उगल रौदा जखन कड़गड़ तखन हमर स्नान भेलै मफईलुन-फाइलातुन 1222-2122 बहरे-मजरिअ अमित मिश्र

No comments:

Post a Comment