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Saturday, 27 October 2012

दरोगा बच्‍चा सिंह


दरोगा बच्‍चा सिंह जखन चीता खरीदबाक विचार केलखिन तखन हुनकर कुटुम परिवार ,कनियां ,बाबू ,कक्‍का आ आन दरोगा दोस सब पागल कहलकेन ।ई जमाना छलै जायलो ,सफारी के ,ई जकरा संभव नइ छलै से मारूतिक कोनो सस्‍तौआ कार या सेकेंड हेंड कार पर जरूर नजरि देने रहै आ मोटरसाईकिलो सब एक सँ एक स्‍टाईलिश तखन चीता खरीदबा क विचार पर केहन प्रति्क्रिया हेतै ,से बूझि सकै छियै .......

तैयो बच्‍चा सिंह चीते खरीदलकै आ चीताक लेल खास किस्‍मक नाथ ,पगहाक व्‍यवस्‍था भेलै ।चीताक पगहा एते नमहर रहै जे बच्‍चा सिंह ढ़ील देथिन त' ओ टोलक कतेको अंगना मे घुसि जाए ,आ मुरगा मुरगी ,खरहा ,खस्‍सी ,बकरी दांत त'र मे दबेने आबि जाए ।लोक सब परेशान आ नराज रहै ,मुदा करै त' की करै ।एक त' सिंहक दलान आ दोसर चीता विराजमान.........
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थाना जाइत काल मे सेहो चीता सीधा रस्‍ता नइ जाए ,टेढ़-बाकुल ,ककरो दलान ,ककरो अंगना ,ककरो भनसा घरक सामने ,ककरो नहाइ वला घरक धांगैत ।चीता मजा लै अलगे आ बच्‍चा सिंह अलगे ।लोक सभ के दुख होए ।मुदा की करबै ।एक त' सिंहक समान आ दोसर चीता पहलमान..............

थाना मे एकदम शांति रहै ,केओ नॉलिस नै करै ,कोनो शिकायत नै ।ई सुशासनक समै छलै ,जंगल राज खतम भ' गेल रहै ।बदमाश ,चोर ,बलत्‍कारी ,जेबकटबा,खूनी ,सेन्‍ह मारनाहर सब आबै त' मालिकक खरचा अलग आ चीताक लेल गिफ्ट अलग ,सब अपना ओकादि कें हिसाबें ।जेना खूनी खस्‍सी आनै त' जेबकतरा खरहा.....मतलब पूराक पूरा सुव्‍यवस्‍था रहै ।कोनो तरहक अराजकता नै ।सभक हिसाब फिक्‍स्‍ड ।दिक्‍कत छलै छोटका दरोगा ,जमेदार आ सिपाही सब कें ।मुदा की करै ओ सब ,बच्‍चा बाबू पहिले सँ क्रोधी छलखिन आ आब हरदम चीता रहै छै ,से की करबहक हौ भैया सब ।
एक त' चीते बलवान
तकर सिंह पहलवान........

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