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Friday, 15 June 2012

हिसाब

हरहर -खटखट त' बूझू रूटीने छलै ।नोकरी ,परिवार ,गाम-समाज सभक कोना अलग- अलग ,मुदा हरहरी सँ केओ रोकए वला नइ....... ।कखनो मास्‍टर साहेब कोनो चीज बिसरि जाथिन आ कखनो मास्‍टराईने कें यादि नइ रहए ।कखनो ह‍रदि नइ त' कखनो मिरचाइ नइ ,कखनो तरकारी मे हरियरीक अभाव ,कहियो दालि सठल ।कहियो धोती साफ नइ आ कहियो कुरता मसकल ।युद्ध आ प्रेमक असंख्‍य कारण ।वाचिक ,शारीरिक ,मानसिक युद्ध ..........इसकुलक बात ,गाम-समाज ,नैहर आ मच्‍छरदानी राति मे के लगेतए.............अनंत युद्ध ।कक्‍कर हँसी कखन खराब लागि गेलै आ कखन केकर गेन्‍हायल बात मे बेली,चमेली मिल' लागलै एकर कोनो फार्मूला नइ ।





एकदिन मास्‍टर साहेब के लागलेन जे सब फसादक जडि़ काजक समै सँ नइ भेनए .......तें मास्‍टर साहेब डायरी मेंटेन करए लागला ।दूधक हिसाब ,बच्‍चा क' फीस ,पैंच उधार ,बीमाक जरूरी विवरण -एजेंटक नाम ,धनराशि आ वांछित समै सब किछ............।मारि ऐ लेल फसलै जे मास्‍टराईन कहलखिन जे हमर बगल वाली जे चारि गिलास आटा ल' गेल छथि सेहो एहिये डायरी मे लिख दिय' आ मास्‍टर साहेब एकरा लेल तैयार नइ भेलखिन ।मास्‍टर साहेब इसकुलक हिसाब अलग पृष्‍ठ पर ,गामक हिसाब अलग पृष्‍ठ पर लिखलखिन ।वौआ के दरभंगा भेजए वला पैसाक हिसाब अलग.......आ सबसँ प्रगतिशील काज ई केलखिन जे उपनेन ,मूड़न आदि मे दए वला हकारक राशि कें फराक लिखि लेलखिन ।आ ईहो माइंड मेकप केलखिन जे पूरनका हिसाब कें स्‍थान पर किछु बढि़ के हकार पूरल जाए ,तें मुखिया जी क' देल चालीस साल पुरान अठन्‍नी क' स्‍थान पर एगारह टका रूमाल मे बान्हि धोती कुरता पहिर विदा भेला ।बान्‍ह टपिते स्‍पीड बढ़ा देलखिन ,तखने ई मोन पड़लेन जे ऐ सप्‍ताह मे समस्‍तीपुर जाए पड़त नहि त' सीताराम झा कतहु दूरस्‍थान फेक देत आ शिक्षा विभागक ऐ बदनाम बाबू के कोना के दूहजार देल जाए ,ऐ लेल माथ नाच' लागलेन ।वावते धियान हुसि गेलेन आ सामने ठाढ़ बस के नइ देखि पेलखिन आ ओइ मे ठोकर मारि देलखिन.......

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